15 February, 2010

Salaman khan's janma-kundali ..A studied by Dr Hitesh Modha

 हिंदी फिल्म के वीर नायक श्री सलमान खान की जन्म-कुंडली .... डॉ हितेश मोढा 

नाम                 मी. सलमान खान 
जन्म तिथि     २७-१२-१९६५
जन्म समय     दोहपर १२-१० 
जन्म स्थल       मुंबई 
जन्म राशी        कुम्भ
जन्म नक्षत्र      धनीस्था  तृतीय चरण 
नक्षत्र पति         मंगल 
जन्म लग्न        मीन
प्रभावी तत्त्व       वायु 
संचालक तत्त्व    जल 
प्रभावी ग्रह         मंगल 


        ये जन्म कुंडली  है भारत के हिंदी फिल्म जगत के वीर नायक सलमान खान की.ये कुंडली  प्रथम दृष्टी अभ्यास  में  कोई खास प्रभाव नहीं छोडती. सिवाय के शनि महाराज जो बारावे(12th) स्थान पे  स्वगृही है और चन्द्र  के साथ होने से प्रचंड विष योग पैदा करता है. शनि ग्रह कभी भी  मीन लग्न(ascendant) में अच्छा फल नहीं देता ओर ऊपर से चन्द्र का बारवे(12th) स्थान में होना ओर दोनों का साथ में होने से बनता विष योग जो  जातक को अनचाही दुविधा ओर परेशानी का ढेर लगा देता है और स्वभाव  ओर वाणी में कटुता भी ला  देता है; ताकि लोगो से अनबन बनी ही रहे. और लोगो से परेशानी ओर इनके खिलाफ बुरा बोलने वाले की संख्या बढ़ी ही रहे.ऐसे छोटे छोटे कारण के साथ आगे लिखे  हुए कुछ योग के साथ  जब    शनि की  या चन्द्र की प्रत्यंतर दशा  चलती हो, तो  उसी समय जातक अवसाद
या फिर अन्य  मानसिक रोग का शिकार हो सकता है. ये सिर्फ  सम्भावना है.
          मीन लग्न(ascendant) साहित्यकारों का और अभिनेता का लग्न है इस लग्न में मार्लोन ब्रांडो  जेसे अभिनेता जन्मे है और आमिरखान का भी ये लग्न है एसा अमुक ज्योतिशशाश्त्री का मानना है ,ये भी मान ले क्यों की फिल्म लाइन में     सफलता का कारक भी   मीन लग्न(Pisces-ascendant) है. जितनी मीन राशी(sign) प्रभावी है उतना ही ये लग्न प्रभवि होता है. और  जातक उतने ही  संवेदनशील होते  है इस लिए इसे जातक अभिनय की ओर जुकते है क्यों की ये अंदरूनी मांग होती है जन्म से ही. और  संवेंद्शीलता  के बिना  अभिनय अधुरा रहेता है.  केंद्र में गुरु ओर सूर्य की प्रतियुती भी अच्छा फल-कारी पुरवार होती है लेकिन कभी कभी सरकार से दिक्कत ओर पोलिस केस  से दिक्कत देती है ये प्रतियुती. ये युति से लग्न जीवन पूर्ण रूप से हो नहीं पायेगा  ये वक्र  सच्चाई है. ऐसे जातक अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाले होते है. सभी के साथ खुल के मिल-जुल नहीं सकते. लेकिन एक बार किसी के साथ दोस्ती करली तो जिन्दगी भर उनका साथ नहीं छोड़ेगे.दुसरे शब्दों  में कहे तो दोस्ती करनी और निभानी  कोई मीन लग्न वालो से शिखे.मीन लग्न वाले जातक कभी दोस्ती में स्वार्थ नहीं देखते.और दोस्ती का अंदाज़ भी उनका निराला और कुछ अलग ही होता है.पर अपना दर्द  अन्दर ही अन्दर झेलते है. दुसरे के सामने सरलता से अपनी बात व्यक्त नहीं करते.
ग्यारवे(11th) भाव में स्थित मंगल ओर शुक्र की युति जातक को रोमेंटिक बनाता है, अच्छे मित्र वृन्द  भी देता है  ओर साथ ही साथ अच्छे  मैत्री सम्बन्ध  भी होते  है . ऐसे जातक  समय आने पे दोस्तों पे जान छिड़क सकते है. ये दोनों ग्रहों की सातवी  द्रष्टि पांचवे भाव में  होती है इस लिए  कही  बार प्यार भी हुआ होगा ओर धोखा भी. क्योंकि शुक्र  की सातवी द्रष्टि प्रणय  भाव(5th) में  होने  से  ऐसे जातक के प्यार को किनारा नहीं मिलता.शुक्र भ्रगुसंहिता के नैसर्गिक नियमो के अनुसार  मीन लग्न में शुक्र प्यार ओर लागणी ( emotions ) के मामले में अच्छा फल नहीं देता. इस उच्च का  मंगल  जातक को अनूठी साहसिकता,बहादुरी  ओर वीरता  प्रदान भी करता है लेकिन साथ में शुक्र के कारण  लागणी के  वश होके  कभी कभार कोई अनूठे साहस करने में फंस भी जाते है एसी सम्भावना इस कुंडली के अभ्यास  के उजागर हुयी  है. मंगल मीन लग्न वाले जातक के लिए श्रेष्ठ और विधायक फलदायी माना गया है. लेकिन ये कुंडली में एक और खास बात तो  ये है की धनिस्था  नक्षत्र का मालिक भी मंगल है. वो  श्री सलमान खान की कुंडली में बड़ी विधायक बाबत है 
   मीन लग्न वाले जन्म से ही सरेराश  ऊंचाई,तर ओर सुन्दर आंखे,पित प्रकृति,सत्वगुण,जल के प्रति  विशेष रूचि,कुशल,विनम्र, ट्रेंड सेटर नेस, लोकप्रियता,अच्छे अच्छे (highly  fashoned ) रत्न ओर कपड़े ओर सुगंध की  अधिक रूचि वाले,  धन,कला के विशेष सूझ, या किसी प्रकार की कला,(श्री सलमान खान एक अच्छे इन्सान के साथ  चित्रकार भी  है) दान देने की कामना, देश भक्ति,अजोड साहसिकता,कठिन से कठिन कम करने की क्षमता, हार ना मानने की वृति, अच्छे मित्र बनने की पात्रता,  ओर प्यार में विफलता अकेलापन, विवादों का घेरे लेके ही जन्मते है. बावजूद  ऐसे लोगो जोली ओर आनंदी ओर उमदा होते है. इस कुंडली के दोनों पहेलु को रजू किया  है जो सभी की कुंडली में  होते है  जातक को कौन सा राह चुनना है, उनके के लिए वो  स्वतंत्र होता  है.या फिर हमें जो चित्र दीखता  है वो जातक के लिए सही हो और  वेदिक ज्योतिष के अनुसार ही हो. जन्मकुंडली विधायक और  नकारात्मक दोनों  बाजु को उजागर करती है. वेदिक ज्योतिष में नकारात्मक प्रभाव देने वाले ग्रहों का  योग्य निवारण ओर इलाज  करना  जितना  जातक  की मुन्सफी पे आधारित है; इतना ही  समय(काल) के हाथ में है.
  
डॉ हितेश मोढ़ा